Spread Positivity:Life as an Airplane

Spread positivity

Let us spread positivity by thinking that our life is like an airplane. Sometime the plane gets into a dense mass of clouds but its skilled pilot soon steers it out of them .The clouds are our troubles and we are the pilots of our lives .

शीत ऋतु की दो बातें महत्वपूर्ण होती हैं पहली धुन्ध और दूसरी धूप।धुन्ध के बिना शीत ऋतु की हम कल्पना भी हम नहीं कर सकते और धूप के बिना शीत ऋतु बिताना मुश्किल हो जाता है ।

धुन्ध के बिना धूप की महत्ता भी समझ मे नही आती । सूर्य भगवान को भी लोग सामान्य सी वस्तु समझने लगते हैं ।

कुछ दिन पहले ही तो मैने  देखा था जमीन से भाप को उठते हुये सोच रही थी मै यहाँ इतना घना कुहरा क्यों है ? आपने भी शायद ध्यान दिया होगा खुले इलाकों मे बगीचों मे और खेतों के आसपास धुन्ध सामान्यतौर पर ज्यादा होती है ।

आराम से खड़े होकर मै ये सब ध्यान से देख रही थी,तभी दूर नजर गयी किसी कच्चे से मकान मे कुछ पकाया जा रहा था । कच्चे मकान के अधखुले दरवाजों से धुँआ निकल कर बाहर आ रहा था ।

उस धुँए के साथ-साथ चूल्हे पर सेंकी जा रही रोटी की सोंधी सी महक भी वातावरण मे फैल रही थी, तभी अचानक से मेरे दिमाग ने मुझसे कहा अरे!!नन्हे-नन्हे पौधों के साथ-साथ बड़े पेड़ ये सभी तो अपना खाना Pnotosynthesis से पकाते हैं सुबह-सुबह इसीलिये तो इतनी सारी धुन्ध फैली रहती है खेतों और बगीचों मे ।

ये सब देखते-देखते मै एक बड़े से नीम के पेड़ के नीचे खड़ी हो गयी । इतनी जोर-जोर से पानी की बूँदे आवाज के साथ नीचे पड़े पत्तों के ऊपर गिर रही थी मानो बरसात हो रही हो लेकिन वो बरसात की बूँदे नही थी ।

सारी रात पत्तियों ने ओस की बूँदों को इकट्ठा किया था ,अब उसे ही गिरा रही थी । ऐसा लग रहा था मानो कह रही हो ,हमारे पास storage space नही है न धरती माँ आप ही store कर लीजिये जब हमे जरूरत होगी हम आपसे वापस ले लेंगे ।

प्रकृति ने कितनी विलक्षण चीजें बनायी हैं । कितने सारे पक्षियों को भी बनाया है ,लेकिन  ये कौए कितने लड़ाकू और जलन्ठे स्वभाव वाले होते हैं । आसपास का वातावरण अपनी कर्कश आवाज से प्रदूषित करते रहते हैं ।

Spread Positivity  ऐसा लगता है मानो चिल्लाकर ही अपना आधिपत्य जमाना चाहते हैं ।हमारे समाज में भी तो बहुत सारे लोग ऐसे होते है , जो चिल्लाकर ही अपना आधिपत्य जमाना चाहते हैं ।

आकाश मे उड़ता हुआ Aircraft कितना स्थिर सा लगता है लेकिन होता नही है । उड़ते हुये craft के नीचे कभी बादल आते हैं कभी ऊपर । कभी-कभी डाँवाडोल होता हुआ भी लगता है लेकिन सीट बेल्ट बाँधकर अपने आप को सुरक्षित रखने का निर्देश pilot द्वारा मिलता है हमे उस निर्देश को मानना पड़ता है।

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खिड़की से नीचे झाँको तो अपनी जमीन दिखती है ,हरियाली से भरी हुयी दौड़ती भागती हुयी अपनी सी जिंदगी दिखती है तभी अचानक से भगवान जी भी याद आ जाते हैं craft को देखते-देखते उनसे कुछ कहने का मन करता है ….

               क्यूँ करता है तू सबकी नइय्या डाँवाडोल हे भगवन् ?
                            सबको तू ही तो घुमाता है गोलम गोल हे भगवन् !!

              चुनौतियों को तू ही तो सामने रखता है , हे भगवन्!!
                            मिन्नतें ही करवाता रहता है तू , हे भगवन् !!

               बैठाकर सबको  मुसीबतों के झूले में …
                           तू मुस्कराता ही रहता है , हे भगवन् !!

               जरा साथ मे तू भी तो आकर …
                                     झूल न हे भगवन् !!

               मझधार मे छोड़ कर सबको ऐसे …
                            जाने तो दूँगी न तुझे हे भगवन् !!

आकाश मे उड़ते हुये craft को हम अपने जीवन से जोड़ सकते हैं । मुसीबत रूपी बादल कभी हमे पूरी तरह से ढँक लेते हैं लेकिन हम उन मुसीबत रूपी बादलों को चीरकर सुरक्षित बाहर आ जाते हैं । बाहर आने से पहले सारी Negativity को कचड़े के डिब्बे मे डालकर Conveayor belt जैसे platform से अपनी शुभकामना रूपी सामान लेकर बाहर आ जाते हैं । एक बार फिर से अपने जीवन को एक नये अंदाज से  जीने के लिये , अपने सामने आने वाली सभी चुनौतियों का सामना Positivity के साथ  करने के लिये ।

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        So always be positive friends.

( समस्त चित्र internet के सौजन्य से ) 

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2 thoughts on “Spread Positivity:Life as an Airplane

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