Positivity  Blog : Have You Opened This Colouring Box Yet ?

 Nature को रंग चुनने का अधिकार होता है क्या? भगवान जी ने दिया है क्या ये अधिकार प्रकृति को …तुरंत ही अंतरात्मा से आवाज आती है ..केवल प्रकृति को ही तो है ये अधिकार और हम सब प्रकृति से ही तो लेते हैं रंग उधार….

आपको मालूम है क्या कि प्रकृति के colouring box मे कितने रंग होते हैं ….कभी सोचा है आपने …हम सभी को भी अपने आप को अलग -अलग रंग मे रंगना होता है…अपने आप को रंगने के लिये हम भावनाओं का सहारा लेते हैं …कितनी सारी भावनायें भगवान ने हमे दे रखी है …

सुबह -सुबह उठते ही हमे ये मालूम पड़ जाता है कि आज का दिन कैसा गुजरने वाला है भावनायें मन को Positivity की तरफ ले जा रही है या Negativity की तरफ….

जहाँ तक प्रकृति का सवाल है उसके अंदर जाकर झाँकिये उनके colouring box को देखिये आपकी कल्पना से परे रंग होते हैं प्रकृति के पास …..आप छोटे बच्चों जैसे जिद्द करके प्रकृति से वो रंग छीन भी नहीं सकते आपको चाहिये वो सारे रंग तो प्रकृति के बीच में जाइये …

कई सारे कीड़े ,पेड़ ,पौधे और फूल तो ऐसे -ऐसे रंग के होते हैं जिन्हें हमने आज तक कभी देखा भी नहीं होता है ….पेड़ पौधे और जीव जन्तुओं को अपना बनाइये ….प्रकृति अपने आप सारे रंग आपको उपहार मे दे देगी …दिखाई देंगे सारे रंग आपके व्यक्तित्व मे आपकी भावनाओं मे आपकी सोच मे और आपके Positive व्यवहार में…

ऐ प्रकृति तुम क्या हो,कितने रंग चुराये तुमने
बोलो कहाँ से लायी हो ?

इतने सारे फूल अपार ,दिखे उनके रंग हजार
बोलो कहाँ से लायी हो ?

बोले बड़े बुजुर्ग बारम्बार ,सात रंग की दुनिया सारी
बोलो कहाँ से लायी हो ?

नीला  नीला  है , आकाश उसमे दमके सूर्य भगवान
रंग  पीला  चमकीला ,बोलो कहाँ से लायी हो ?

चाँदी जैसा चंदा चमका , साथ मे चमके तारे हजार
बोलो कहाँ से लायी हो ?

वृहत समुद्र नीला सा , जिसका है न आर  और  पार
बोलो कहाँ से लायी हो ?

हरे  हरे  पत्ते  पेड़ों  के  बतलाते  समृद्धि  हमारी
बोलो कहाँ से लायी हो ?

इन्द्रधनुष  है  प्यारा सा , दिखता  बड़ा  निराला सा
इसमे  भी हैं रंग  गुलाल,  बोलो कहाँ से लायी  हो ?

दिखती  चिड़िया छैल छबीली , चोंच उसकी रंग बिरंगी

बोलो कहाँ से लायी हो ?

           मानव  की  फितरत  बेकार ,बड़े  बड़े  पर्वत विशाल
           करते  नाश उसका आकार  , चुराये  तुमसे रंग हजार
          फिर भी  पूछे बारम्बार ,  बोलो कहाँ  से  लायी  हो ?
 
ऐ प्रकृति तुम क्या हो ……

हम सभी के जीवन मे कभी न कभी तो Negativity आती ही है …

उसको अपने से दूर रखने के लिये हमेशा प्रकृति के बीच में जाना चाहिये ..

मालूम भी नहीं पड़ेगा कब आपके अंदर  Positivity ने अपना ठिकाना 

बना लिया ..

So friends,always be positive

(सभी चित्र internet के सौजन्य से ) 

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s